upsc history optional syllabus latest

परिचय(Introduction) :

UPSC  परीक्षा की तैयारी का सफर एक महान अवसर है। इसमें विभिन्न विषयों में से इतिहास को वैकल्पिक विषय के रूप में चुनना हमें पिछले काल की खोज में ले जाता है। चलिए, upsc history optional syllabus को समझते हैं, इसके मूल घटकों को समझते हैं, और इस आकर्षक विषय को मास्टर करने की दिशा में एक मार्ग चार्ट करते हैं।

upsc history optional syllabus को अपने वैकल्पिक विषय के रूप में क्यों चुनें?

UPSC इतिहास वैकल्पिक पाठ्यक्रम का चयन कई कारणों से किया जा सकता है। यहां कुछ मुख्य कारण हैं जो इसे वैकल्पिक विषय के रूप में चुनने के लिए महत्त्वपूर्ण हैं:

  1. आकर्षणकारी और व्यापक विषय: इतिहास हमारे समाज, संस्कृति, और समाजिक प्रगति के इतिहास को समझने का माध्यम होता है। इसमें विशाल समयांतर शामिल होता है और यह बहुत आकर्षक और व्यापक है।

  2. सामान्य ज्ञान और तारीखों की समझ: इतिहास वैकल्पिक पाठ्यक्रम ने आपकी समझ में एक दूसरे के साथ तारीखों, घटनाओं और व्यक्तियों के संदर्भ में एक अच्छी जानकारी प्रदान करने का संदेश दिया है।

  3. प्रतिस्पर्धी लाभ: यह एक प्रतिस्पर्धी विषय है, जिससे कम से कम संख्या में छात्र चुनते हैं, जो आपकी प्रतियोगी परीक्षा में अंकों में वृद्धि कर सकता है।

  4. व्यापारिक जीवन के लिए फायदेमंद: इतिहास के अच्छे जानकारों की मांग बाजार में हमेशा बनी रहती है, जो आपको सरकारी, शैक्षिक या अन्य संगठनों में भी उत्तराधिकारी पदों पर रुचि लेने में मदद कर सकती है।

  5. प्रतिभा का प्रदर्शन: यह विषय आपके विचारों को व्यक्त करने और सामाजिक रूप से महत्त्वपूर्ण विषयों पर आपके दृष्टिकोण को सामान्यत: बढ़ाने का अच्छा माध्यम हो सकता है।

इसलिए, यूपीएससी इतिहास वैकल्पिक पाठ्यक्रम चुनना विशेष रूप से उन छात्रों के लिए उपयुक्त हो सकता है जो इतिहास और समाज के मामलों में रुचि रखते हैं और इन्हें समझने के लिए उत्सुक हैं।

upsc history optional syllabus को समझना

पेपर I: प्राचीन भारत

  1. प्रागैतिहासिक काल: पहले मानव अस्तित्व और संस्कृतियों के विकास के रहस्य को खोलते हैं।
  2. सिंधु घाटी सभ्यता: दुनिया की सबसे प्राचीन शहरी सभ्यताओं में से एक की खोज।
  3. वैदिक काल: प्राचीन भारत में सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक विकास को समझें।
  4. मौर्य और गुप्त वंश: प्राचीन भारतीय इतिहास को आकार देने वाले महान साम्राज्यों का अध्ययन।
  5. गुप्त काल के बाद का समय: गुप्त सम्राटों के बाद विकसित होने वाले क्षेत्रीय राज्यों और सांस्कृतिक उन्नतियों का विश्लेषण।

पेपर II: मध्यकालीन भारत

  1. तुर्की आक्रमण और दिल्ली सल्तनत: भारतीय इतिहास पर तुर्की आक्रमणों का प्रभाव।
  2. मुघल साम्राज्य: मुघल वंश की उच्चता, पराकाष्ठा, और पतन का अध्ययन।
  3. विजयनगर और बहमानी साम्राज्य: दक्षिण भारतीय शासनकालों और उनके सांस्कृतिक योगदानों का अन्वेषण।
  4. भक्ति और सूफी आंदोलन: मध्यकालीन समय में सामाजिक-धार्मिक गतिविधियों की समझ।
  5. मराठा और सिख साम्राज्य: मध्यकालीन भारत में क्षेत्रीय शक्तियों का उदय का विश्लेषण।

तैयारी रणनीतियाँ(Preparation Strategies) :

  1. कालदर्शी समझ: घटनाओं के क्रम को समझें और इतिहासी घटनाओं के कारण-प्रभाव संबंधों को समझें।
  2. थीमात्मक विश्लेषण: भारतीय इतिहास के विभिन्न कालों में आवर्ती थीम्स और पैटर्न्स की पहचान करें।
  3. इतिहासशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य: विभिन्न इतिहासी व्याख्याओं और दृष्टिकोणों से परिचित हों।
  4. नक्शों और समयरेखाओं का उपयोग: स्थानीय और कालात्मक पहलुओं के समझ में सहायक दृश्यांकों का उपयोग करें।
  5. नियमित लेखन प्रैक्टिस: इतिहासी तर्क और कथानक विकसित करने के लिए नियमित लेखन प्रैक्टिस को बढ़ावा दें।

upsc history optional syllabus books in hindi medium

UPSC इतिहास वैकल्पिक विषय को विभिन्न युगों और थीमों को समझने के लिए व्यापक पठन और समझ की आवश्यकता होती है। यहां पेपर 1 और पेपर 2 के लिए पांच-पांच सुझावित किये गए पुस्तकें हैं:

पेपर 1: प्राचीन और मध्यकालीन भारत

  1. “भारतीय कला और संस्कृति” नितिन सिंघानिया – यह पुस्तक प्राचीन और मध्यकालीन भारत की कला और संस्कृति को कवर करती है।

  2. “महाभारत” सी. राजगोपालाचारी – एक संक्षेप और अच्छी तरह से वर्णित महाभारत का एक संस्कृति, जो प्राचीन भारतीय काव्य को समझने के लिए आवश्यक है।

  3. “मध्यकालीन भारत: एक सामाजिक एवं सांस्कृतिक इतिहास” सतीश चंद्र – यह पुस्तक मध्यकालीन भारतीय समाज और संस्कृति का विस्तृत विश्लेषण प्रदान करती है।

  4. “भारतीय इतिहास के कुछ विषय” राजीव अहिरी – विभिन्न प्राचीन और मध्यकालीन भारतीय इतिहास से संबंधित विषयों पर लिखे गए निबंधों का संग्रह।

  5. “प्राचीन भारत का इतिहास” रामशरण शर्मा – प्राचीन भारतीय इतिहास पर एक प्राधिकृत पुस्तक, जो इस काल को विस्तार से समझाती है।

पेपर 2: आधुनिक भारत

  1. “आधुनिक भारत का इतिहास” बिपन चंद्र – भारत के आधुनिक इतिहास को व्यापक रूप से छायांकित करने वाली एक संपूर्ण पुस्तक।

  2. “भारत के राष्ट्रीय आंदोलन” बिपन चंद्र – यह पुस्तक राष्ट्रीय आंदोलनों पर ध्यान केंद्रित करती है और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष को समझने के लिए महत्त्वपूर्ण है।

  3. “भारत सरकार की अर्थव्यवस्था 1858–1914” भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास – इस पुस्तक में निर्दिष्ट अवधि के दौरान भारत के आर्थिक इतिहास को कवर किया गया है।

  4. “माध्यकालीन भारत का इतिहास” सतीश चंद्र – एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक जो मध्यकालीन और आधुनिक भारतीय इतिहास के बीच का अंतर समाप्त करती है।

  5. “आधुनिक भारत का इतिहास: साक्षरता से स्वतंत्रता तक” बिपन चंद्र – बिपन चंद्र द्वारा औद्योगिक क्रांति से स्वतंत्रता तक के आधुनिक भारतीय इतिहास की अन्य एक उत्कृष्ट पुस्तक।

ये पुस्तकें हिंदी माध्यम में UPSC परीक्षा के इतिहास वैकल्पिक विषय की तैयारी के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती हैं। हालांकि, इन्हें NCERT पाठ्यपुस्तकों, पिछले सालों के प्रश्न पत्रों, और अन्य संबंधित अध्ययन सामग्रियों के साथ भी मिलाकर पढ़ना भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

upsc history optional syllabus books in English medium

Certainly! Here are five recommended books each for both Paper 1 and Paper 2 of the UPSC optional subject History in English:

Paper 1:

  1. “India’s Ancient Past” by R.S. Sharma: A comprehensive book covering the ancient history of India from prehistoric times to the eighth century AD.

  2. “Medieval India: From Sultanate to the Mughals” by Satish Chandra: Offers detailed insights into the medieval period in India, focusing on the rise and fall of various dynasties.

  3. “Modern India” by Bipin Chandra: An essential book discussing India’s struggle for independence and the socio-political changes from the 18th century to the mid-20th century.

  4. “Ancient India” by D.N. Jha: Another well-recommended book covering ancient Indian history, providing a different perspective on various historical events.

  5. “India’s Struggle for Independence” by Bipan Chandra: Focuses specifically on the Indian independence movement, offering an in-depth analysis and understanding of the struggle against colonial rule.

Paper 2:

  1. “World History” by Norman Lowe: Offers a comprehensive view of world history covering major events, revolutions, and developments from the late 19th century to the end of the 20th century.

  2. “History of Modern World” by Jain and Mathur: Another excellent resource for world history, focusing on global events and their impact on various nations during the modern period.

  3. “India Since Independence” by Bipan Chandra: Discusses the political, social, and economic changes in India post-independence, analyzing the challenges and developments in the country.

  4. “Social Background of Indian Nationalism” by A.R. Desai: Explores the social dynamics and the factors that contributed to the growth of Indian nationalism during the colonial period.

  5. “Themes in Indian History – Part III” by Harbans Mukhia: Covers various themes and developments in Indian history, providing a nuanced understanding of India’s historical processes.

These books are widely recommended and offer comprehensive coverage of the topics included in both Paper 1 and Paper 2 of the UPSC History optional subject.

निष्कर्ष(Conclusion):

upsc history optional syllabus विषय का चयन केवल परीक्षा की तैयारी ही नहीं है; बल्कि यह हमें समय की यात्रा पर ले जाता है, भारत के समृद्ध अतीत की रचना को समझने के लिए। इस यात्रा में कहानियों, सीखों, और इतिहासी घटनाओं का आनंद लें, और यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए अपनी सजगता को बढ़ाएं।

upsc history optional syllabus in hindi PDF DOWNLOAD

upsc history optional syllabus in ENGLISH PDF DOWNLOAD

OFFICIAL WEBSITE

Spread the love

Leave a Reply