upsc geology syllabus optional latest

परिचय(Introduction) :

UPSC  परीक्षाएं, जो एक प्रतिष्ठित करियर की ओर एक द्वार होती हैं, विभिन्न विषयों में निष्ठावानी और रणनीतिक प्रस्तुति की मांग करती हैं। इनमें से भूगर्भ विज्ञान एक ऐसा विषय है जो पृथ्वी के रहस्यों का पर्दा उठाता है। चलिए, upsc geology syllabus की खोज में निकलें, इसके मूल तत्वों को खोलें और इस आकर्षक विषय को समझने का मार्ग प्राप्त करें।

upsc geology syllabus को अपने वैकल्पिक विषय के रूप में क्यों चुनें?

यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) सिविल सेवा परीक्षा के लिए ज्योलॉजी को वैकल्पिक विषय के रूप में चुनने के कई फायदे हो सकते हैं:

  1. रुचि और पृष्ठभूमि: अगर आपके पास ज्योलॉजी में बैकग्राउंड या रुचि है, तो यह आपके लिए प्राकृतिक चुनाव हो सकता है। जिस विषय में आपकी रुचि हो, उसे पढ़ना परीक्षा की तैयारी को अधिक आनंदमय और प्रभावी बना सकता है।

  2. स्कोरिंग की क्षमता: ज्योलॉजी को स्कोरिंग वैकल्पिक विषय के रूप में जाना जाता है। इस विषय का सिलेबस कुछ अन्य विषयों के तुलना में कम होता है, और इसके प्रश्न अक्सर सीधे और तथ्यात्मक होते हैं। यह वैकल्पिक पेपर में अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद कर सकता है।

  3. सामान्य अध्ययन के साथ संबंध: ज्योलॉजी में सामान्य अध्ययन (जीएस) पेपरों में भूगोल और पर्यावरण विज्ञान के क्षेत्रों में समानताएं होती हैं। यह समानता वैकल्पिक और जीएस पेपरों की तैयारी दोनों में समय और प्रयास बचाने में मदद कर सकती है।

  4. अन्तर्विषयक नेचर: ज्योलॉजी एक अन्तर्विषयक विषय है जो भौतिकी, रासायनिक, जीवविज्ञान, और पर्यावरण विज्ञान के पहलुओं को शामिल करता है। यह विविधता पृथ्वी विज्ञान की समझ में सहायक हो सकती है और परीक्षा में एक समझदार दृष्टिकोण प्रदान कर सकती है।

  5. सीमित प्रतिस्पर्धा: कुछ अन्य वैकल्पिक विषयों की तुलना में, ज्योलॉजी का चयन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या अनुपात में कम होती है। यह संकेत कर सकता है कि संसाधनों, कोचिंग, और परीक्षा में कम प्रतिस्पर्धा हो सकती है।

  6. संसाधन उपलब्धता: ज्योलॉजी के लिए अच्छी पढ़ाई की सामग्री, पुस्तकें, और कोचिंग उपलब्ध हैं। इससे अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए साधनों की सुविधा होती है।

हालांकि, यह महत्त्वपूर्ण है कि यह निर्णय आपकी रुचियों, प्रोफाइल, और परीक्षा की सामान्य रणनीति के साथ मेल खाए। हर वैकल्पिक विषय के अपने चुनौतियां और लाभ होते हैं, इसलिए सावधानीपूर्वक वह विषय चुनें जो आपकी क्षमताओं को संबोधित करता हो और सिविल सेवा परीक्षा के लिए आपकी कुल रणनीति से मेल खाता हो।

upsc geology syllabus optional syllabus को समझना

पेपर I: सामान्य ज्योलॉजी

  1. भूखण्डशास्त्र: भूमि के आकार-संरचना, उनकी उत्पत्ति, और पृथ्वी की सतह के बारे में समझें।
  2. संरचनात्मक ज्योलॉजी: पत्थरों की संरचना और उनके विकृति की जांच करें, पृथ्वी की संरचनात्मक विशेषताओं को समझें।
  3. रत्नशास्त्र: रत्नों की दुनिया, उनकी गुणधर्म, पहचान, और प्रकटन की प्रक्रिया को जांचें।
  4. पेट्रोलॉजी: पत्थरों का अध्ययन करें, उनके वर्गीकरण, और उन्हें बनाने वाली प्रक्रियाओं की जांच करें।
  5. पालेयंटोलॉजी: जीवाश्मों, विकास, और पृथ्वी पर जीवन के इतिहास की जांच करें।

पेपर II: अनुप्रयोगित ज्योलॉजी

  1. आर्थिक ज्योलॉजी: खनिज संसाधनों की जांच, उनके अन्वेषण, निष्कर्षण, और आर्थिक महत्त्व का अध्ययन करें।
  2. इंजीनियरिंग ज्योलॉजी: निर्माण में भौगोलिक कारकों की समझ, स्थल जांच, और आपदा प्रबंधन में भूवैज्ञानिक मानवनिर्माण का अध्ययन करें।
  3. जलविज्ञान और पर्यावरण ज्योलॉजी: ग्राउंडवाटर, पर्यावरण समस्याओं, और उनके भौगोलिक पहलुओं की जांच करें।
  4. सिविल इंजीनियरिंग में भूगोलीय ज्ञान का उपयोग: सिविल इंजीनियरिंग परियोजनाओं में भौगोलिक सिद्धांतों का उपयोग करें।
  5. रिमोट सेंसिंग और जीआईएस: भूगोलिक मानचित्रन और विश्लेषण के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करें।

तैयारी रणनीतियाँ(Preparation Strategies) :

  1. समग्र समझ: पाठ्यक्रम को गहराई से समझें, दोनों पेपरों में मौलिक अवधारणाओं पर ध्यान केंद्रित करें।
  2. मानक पाठ्यक्रम और स्रोत: “प्रिंसिपल्स ऑफ फिजिकल ज्योलॉजी” बाय प्लमर, “टेक्सबुक ऑफ ज्योलॉजी” बाय पी.के. मुखर्जी, और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का सहारा लें।
  3. आरेख और दृश्यांकन: भूवैज्ञानिक आरेखों और मानचित्रों का अभ्यास करें, जो अधिक अच्छी अंदाज़ में समझाने में मदद करते हैं।
  4. फील्ड वर्क और व्यावसायिक अनुभव: यदि संभव हो, फील्ड ट्रिप, भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, या प्रैक्टिकल सत्रों में शामिल होकर सिद्धांतों को मजबूती से समर्थन करें।
  5. करंट अफेयर्स समेकित: हाल के भूवैज्ञानिक विकासों, केस स्टडीज, और उनके व्यावसायिक अनुप्रयोगों के साथ अपडेट रहें।

upsc geology syllabus optional books in hindi medium

UPSC Geology optional के लिए कुछ महत्वपूर्ण पुस्तकें (Books) हैं जो Hindi माध्यम में उपलब्ध हैं, और जो आपकी तैयारी को सहायक बना सकती हैं:

पेपर 1 के लिए:

  1. “भूगोल: जैविक, रासायनिक, और भौतिकीय भूगोल” – Subramanyan, K. S. (सुब्रमण्यन, के. एस.)

  2. “भूतत्व और भूविज्ञान” – Murthy, B. S. (मुर्थी, बी. एस.)

  3. “जैविक और इतिहासी भूविज्ञान” – Puri, V. M. (पुरी, वी. एम.)

  4. “भूतत्व की प्रमुख सिद्धांत” – Parikh, D. C. (पारिख, डी. सी.)

  5. “भौतिकीय भूगोल के सिद्धांत” – Verma, M. P. (वर्मा, एम. पी.)

पेपर 2 के लिए:

  1. “भूविज्ञान का सामान्य और उद्भावनात्मक पहलुओं का अध्ययन” – Murthy, B. S. (मुर्थी, बी. एस.)

  2. “पेट्रोलॉजी” – Mukherjee, A. B. (मुखर्जी, ए. बी.)

  3. “भूकम्पित भूविज्ञान” – Tiwari, S. K. (तिवारी, एस. के.)

  4. “भूविज्ञानी डेटा प्रस्तुति और विश्लेषण” – Choubey, V. D. (चौबे, वी. डी.)

  5. “भूकम्प और भूस्खलन” – Khadikar, M. P. (खडीकर, एम. पी.)

यह पुस्तकें आपको UPSC Geology optional के सिलेबस को पूर्णतः कवर करने में मदद कर सकती हैं। आपको यहां दी गई पुस्तकों के अलावा भी अन्य विषयग्रंथ और स्रोतों का अध्ययन करना चाहिए ताकि आप विषय को गहराई से समझ सकें और परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकें।

upsc geology syllabus optional books in English medium

For UPSC Geology optional, here are some important books available in English medium that can assist in your preparation for both Paper 1 and Paper 2:

For Paper 1:

  1. “Physical Geology” by Plummer, McGeary, and Carlson
  2. “Textbook of Geology” by P. K. Mukerjee
  3. “Principles of Physical Geology” by Arthur Holmes
  4. “Historical Geology” by Wicander and Monroe
  5. “Geomorphology” by Savindra Singh

For Paper 2:

  1. “Sedimentary Petrology” by Maurice Tucker
  2. “Mineralogy” by Dexter Perkins
  3. “Structural Geology” by Ragan
  4. “Igneous Petrology” by McBirney
  5. “Introduction to Environmental Geology” by Edward A. Keller

These books cover various aspects of the Geology syllabus for the UPSC examination and can provide comprehensive knowledge and understanding of the subject. Alongside these recommendations, it’s advisable to explore other reference materials and sources to deepen your understanding and perform well in the exam.

निष्कर्ष(Conclusion):

अंत में, UPSC के लिए Geology को अपने वैकल्पिक विषय के रूप में चुनना एक बुद्धिमान निर्णय हो सकता है, बशर्ते आप वास्तव में विषय वस्तु में रुचि रखते हों। सही संसाधनों, समर्पण और रणनीतिक तैयारी के साथ, आप यूपीएससी परीक्षा पास कर सकते हैं और सिविल सेवा के क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकते हैं।

याद रखें कि upsc geology syllabus में सफलता के लिए, किसी भी अन्य विषय की तरह, निरंतर प्रयास, अनुशासन और विषय वस्तु की गहरी समझ की आवश्यकता होती है। तो, अपनी कमर कस लें, ऊपर बताई गई रणनीतियों का पालन करें और एक सफल सिविल सेवक बनने की दिशा में अपनी यात्रा शुरू करें। आपको कामयाबी मिले!

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