upsc economics syllabus optional latest

परिचय(Introduction) :

क्या आप यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और UPSC परीक्षा में अर्थशास्त्र में सफलता प्राप्त करने के लिए यात्रा पर हैं? upsc economics syllabus को समझना, आपके लक्ष्य की दिशा में पहला कदम है। आइए, upsc economics syllabus के महत्वपूर्ण तत्वों में डूबकर देखें और सफलता के लिए एक मार्ग चार्ट को तैयार करें।

upsc economics syllabus को अपने वैकल्पिक विषय के रूप में क्यों चुनें?

UPSC में अर्थशास्त्र को वैकल्पिक विषय के रूप में चुनने के कई कारण हो सकते हैं।

1. रुचि और प्रियता

अर्थशास्त्र का अध्ययन वहाँ का संदेश देता है कि आपको यह विषय दिलचस्पी और प्रिय है। यदि आपको समाज में अर्थशास्त्र की दुनिया में रुचि है और आप उसे गहराई से समझना चाहते हैं, तो यह आपके लिए उत्तम विकल्प हो सकता है।

2. करियर अवसर

अर्थशास्त्र का अध्ययन करने के बाद, आपको अनेक करियर अवसर मिल सकते हैं। सरकारी सेवाओं, वित्तीय संस्थानों, अर्थव्यवस्था संबंधित सेक्टर में नौकरियां, या अन्य संगठनों में आप अपना करियर शुरू कर सकते हैं।

3. सामाजिक महत्त्व

अर्थशास्त्र समाज में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह विषय आपको आर्थिक समस्याओं, नीतियों, और उनके प्रभावों को समझने में मदद कर सकता है, जो समाज में बदलाव लाने के लिए अच्छा हो सकता है।

4. अनुसंधान और विचार

अर्थशास्त्र अनुसंधान और विचार के लिए एक बड़ा क्षेत्र है। यदि आप अनुसंधान में रुचि रखते हैं और नए विचारों को समझना और विकसित करना चाहते हैं, तो यह विषय आपके लिए उत्तम हो सकता है।

अर्थशास्त्र एक व्यापक और महत्त्वपूर्ण विषय है जो आपको विशेषज्ञता, समझ, और विकल्पों में अन्वेषण की सीमा तक ले जा सकता है। विषय का चयन करते समय, अपने इंटरेस्ट, लक्ष्य, और करियर दिशा को ध्यान में रखना चाहिए।

upsc economics syllabus optional को समझना

पेपर I: अर्थशास्त्र

  1. माइक्रोइकोनॉमिक्स: व्यक्तिगत आर्थिक इकाइयों, मांग और आपूर्ति सिद्धांतों, बाजार संरचनाओं और उत्पादन और लागत के सिद्धांतों के मौलिक पहलुओं में डूबें।

  2. मैक्रोइकोनॉमिक्स: अर्थशास्त्र के व्यापक पहलुओं को समझें, जैसे राष्ट्रीय आय लेखांकन, आय और रोजगार के सिद्धांत, मुद्रा, और बैंकिंग प्रणाली।

  3. भारतीय अर्थव्यवस्था: भारत के आर्थिक विकास, विभिन्न आर्थिक नीतियों, योजनाओं, और आर्थिक सुधारों की जांच करें।

  4. अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र: अंतरराष्ट्रीय व्यापार, भुगतान के संतुलन, मुद्रा दरों, और वैश्विक आर्थिक संगठनों के बारे में जानें।

पेपर II: अर्थशास्त्र

  1. भारतीय अर्थविकास और नीति: भारत के आर्थिक विकास, चुनौतियों, और वृद्धि, रोजगार, गरीबी निवारण और सामाजिक क्षेत्र की नीतियों के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करें।

  2. अर्थशास्त्रीय विचार: अर्थशास्त्रीय विचारों का विकास, विकास और निर्माण के सिद्धांतों, अर्थशास्त्रीय कोटियों की योगदान, और उनके समक्ष सम्मान की समझ।

तैयारी रणनीतियाँ(Preparation Strategies) :

  1. पाठ्यक्रम की समझ: पहले पाठ्यक्रम को ध्यान से समझें। यह आपकी तैयारी के लिए एक मार्गदर्शन प्रदान करता है।

  2. गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री: UPSC के सिलेबस के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री में निवेश करें। मानक पाठ्यपुस्तकों और ऑनलाइन स्रोतों का संदर्भ लें।

  3. समयसारणी बनाएं: सटीक पढ़ाई की योजना बनाएं जो सभी विषयों को कवर करे और संशोधन के लिए समय दे।

  4. अभ्यास और संशोधन: पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र हल करें और नियमित रूप से मॉक टेस्ट दें। संशोधन जानकारी याद रखने के लिए महत्त्वपूर्ण है।

  5. अपडेट रहें: अपडेट रहें, खासकर आर्थिक क्षेत्र में।

upsc economics syllabus optional books in hindi medium

यदि आप UPSC अर्थशास्त्र वैकल्पिक विषय के लिए हिंदी माध्यम में पुस्तकें ढूंढ रहे हैं, तो यहां कुछ सुझाव हैं:

पेपर 1: अर्थशास्त्र

  1. माइक्रोइकोनॉमिक्स:

    • “माइक्रोइकोनॉमिक्स का सिद्धांत” – ए.के. दसगुप्ता
    • “माइक्रो और मैक्रो इकोनॉमिक्स” – शर्मा एवं बत्ताचार्या
  2. मैक्रोइकोनॉमिक्स:

    • “मैक्रोइकोनॉमिक्स का सिद्धांत” – ए.के. दसगुप्ता
    • “मैक्रो और माइक्रो इकोनॉमिक्स” – शर्मा एवं बत्ताचार्या
  3. भारतीय अर्थव्यवस्था:

    • “भारतीय अर्थव्यवस्था” – रामेश सिंह
    • “भारत का अर्थव्यवस्था” – ए.न. अग्रवाल
  4. अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र:

    • “अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र” – रवींद्रनाथ

पेपर 2: अर्थशास्त्र

  1. भारतीय अर्थविकास और नीति:

    • “भारतीय अर्थव्यवस्था” – रामेश सिंह
    • “भारत का अर्थव्यवस्था” – ए.न. अग्रवाल
  2. अर्थशास्त्रीय विचार:

    • “अर्थशास्त्रीय विचार” – शर्मा एवं बत्ताचार्या
    • “अर्थशास्त्रीय विचार: भारतीय परंपरा” – रामेश सिंह

ये पुस्तकें UPSC सिलेबस के साथ मेल खाती हैं और आर्थिक संदर्भ में व्यापक ज्ञान प्रदान करती हैं। सिलेबस के अनुसार पुस्तकों का चयन करें और समझाने के लिए समय दें।

upsc economics syllabus optional books in English medium

For the UPSC Economics optional subject in English medium, here are some recommended books:

Paper 1: Economics

  1. Microeconomics:

    • “Microeconomic Theory” by Andreu Mas-Colell, Michael D. Whinston, and Jerry R. Green
    • “Principles of Microeconomics” by N. Gregory Mankiw
  2. Macroeconomics:

    • “Macroeconomics” by Olivier Blanchard
    • “Macroeconomics” by N. Gregory Mankiw
  3. Indian Economy:

    • “Indian Economy” by Ramesh Singh
    • “Indian Economy: Performance and Policies” by Uma Kapila
  4. International Economics:

    • “International Economics” by Paul Krugman and Maurice Obstfeld
    • “International Economics” by Dominick Salvatore

Paper 2: Economics

  1. Economic Development and Policy in India:

    • “Indian Economy” by Ramesh Singh
    • “Indian Economy: Performance and Policies” by Uma Kapila
  2. Economic Thought:

    • “A History of Economic Thought” by E.K. Hunt and Mark Lautzenheiser
    • “The Worldly Philosophers” by Robert L. Heilbroner

These books cover various aspects of economics relevant to the UPSC syllabus. Ensure to choose books aligned with the syllabus and refer to other resources like journals, economic surveys, and reliable online sources for a comprehensive understanding.

निष्कर्ष(Conclusion):

upsc economics syllabus अर्थशास्त्र परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए संघर्ष, दृढ़ता, और संरचित दृष्टिकोण चाहिए। सिर्फ याद करने से नहीं, बल्कि सिद्धांतों को समझने के बारे में है।

अपने अभियान पर विश्वास रखें, ध्यान दें, और मेहनत से सफलता की ओर बढ़ें। UPSC की यात्रा पर शुभकामनाएँ!

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