upsc anthropology optional syllabus latest

परिचय(Introduction) :

क्या आप UPSC परीक्षा के लिए मानवविज्ञान को अपना वैकल्पिक विषय मान रहे हैं? मानव संस्कृति, समाज और विकास के विशाल क्षेत्रों की खोज शायद वह रोमांचक यात्रा हो सकती है जिसे आप तलाश रहे हैं! इस वैकल्पिक विषय के माध्यम से नेविगेट करने में आपकी सहायता के लिए, आइए upsc anthropology optional syllabus की जटिलताओं पर गौर करें।

मानवविज्ञान को अपने वैकल्पिक विषय के रूप में क्यों चुनें?

मानवविज्ञान एक रोमांचक और समृद्धि भरा विकल्प हो सकता है जब आप UPSC या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। इसे अपने वैकल्पिक विषय के रूप में चुनने के कुछ कारण हो सकते हैं:

  1. रोमांचक और आकर्षक विषय: मानवविज्ञान मानव जीवन, उसकी समझ, संस्कृति, और समाज के विभिन्न पहलुओं को अध्ययन करता है, जो बहुत ही रोमांचक हो सकता है।

  2. सामाजिक समस्याओं का विश्लेषण: मानवविज्ञान सामाजिक समस्याओं, सामाजिक संरचना, जाति-जन्जाति, लैंगिकता, और समाज में परिवर्तन के प्रक्रियाओं का विश्लेषण करता है।

  3. इंटरडिस्किप्लिनरी अध्ययन: यह विषय सामाजिक विज्ञान, संस्कृति, इतिहास, भूगोल, और सांस्कृतिक अध्ययन के बीच बातचीत करता है, जो आपके सोचने के तरीके को बदल सकता है।

  4. स्थायी और स्पष्ट विषय: इसमें सिद्धांतों की स्पष्टता, उनका विश्लेषण और समझाने की जरूरत होती है, जिससे आपकी तैयारी को अधिक स्थायी बनाने में मदद मिलती है।

  5. उच्च अंक प्राप्ति: अगर आपको सामाजिक विज्ञान में रुचि है और आपके पास इसमें मास्टरी है, तो इससे अधिकांश अंक प्राप्त करने की संभावना होती है।

  6. करियर विकल्प: इस विषय को पढ़ने के बाद, सामाजिक क्षेत्र, अनुसंधान, और शिक्षण क्षेत्र में कई करियर विकल्प हो सकते हैं।

मानवविज्ञान आपको मानव समाज और संस्कृति की गहरी समझ प्रदान कर सकता है, जो आपकी सोच और विचारधारा को बदल सकता है।

UPSC Anthropology Optional syllabus को समझना

UPSC के Anthropology वैकल्पिक पाठ्यक्रम में दो पेपर होते हैं:

पेपर I:
Anthropology का परिचय
भारतीय संस्कृति और सभ्यता का विकास
सामाजिक संरचना
जनसांख्यिकी रुझान
भारतीय जनजातियां
Anthropology के सिद्धांत और विधियां

पेपर II:
भारतीय Anthropology: विकास और दृष्टिकोण
विवाह, परिवार, और संबंध
राजनीतिक और आर्थिक संगठन
धर्म और समाज
चिकित्सा Anthropology
वैश्विकीकरण और इसका समाज पर प्रभाव

तैयारी रणनीतियाँ(Preparation Strategies) :

  1. व्यापक पढ़ाई: पाठ्यक्रम में दिए गए हर विषय को कवर करने के लिए मानक पाठ्यपुस्तकों से शुरू करें। “Introduction to Anthropology” by Ember and Ember, “Indian Anthropology” by R.N. Sharma जैसी पुस्तकें प्राथमिकता हो सकती हैं।

  2. सिद्धांतों की स्पष्टता: Anthropology सिद्धांतों की स्पष्टता मांगती है। सिद्धांतों, मामला अध्ययनों, और वास्तविक उदाहरणों को रटने की बजाय समझें।

  3. मामला अध्ययन और उदाहरण: उत्तरों को मजबूत बनाने के लिए वास्तविक उदाहरण और मामला अध्ययन शामिल करें।

  4. नियमित पुनरावलोकन: स्थायी बनाने के लिए नियमित पुनरावलोकन की योजना बनाएं।

  5. पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का हल करें: पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करने से पैटर्न, प्रश्नों के प्रकार को समझा जा सकता है।

  6. आरेख और चार्ट: Anthropology व्यक्तिगत उत्तरों में सामाजिक संरचना, संबंध आदि को समझाने के लिए आरेख और चार्ट का प्रयोग करें।

UPSC Anthropology Optional syllabus books in hindi medium

यहाँ हैं कुछ सुझावित पुस्तकें जो UPSC Anthropology Optional के लिए हिंदी माध्यम में उपलब्ध हैं:

पेपर 1:

“मानव देहात्मक” – पी. नाथ
“मानव देहात्मक अंतर्निहित” – रॉबर्ट जुरमेन
“मानवशास्त्रीय विचार” – उपाध्याय और पांडेय
“भारतीय मानवशास्त्र” – नदीम हसनैन
“सामाजिक मानवशास्त्र” – डी.एन. मजूमदार और टी.एन. मदान
“सामाजिक मानवशास्त्र का परिचय” – डी.एन. मजूमदार

पेपर 2:

“आदिवासी भारत” – नदीम हसनैन
“भारतीय प्रागैतिहासिक सराहना” – डी.के. भट्टाचार्य
“भारतीय मानवशास्त्र” – आर.एन. शर्मा
“राजनीतिक मानवशास्त्र” – एम.एन. श्रीनिवास
“विकास मानवशास्त्र” – आर.आर. शर्मा
ये पुस्तकें UPSC के Anthropology Optional के सिलेबस को कवर करती हैं। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों, मॉक टेस्ट्स, और संबंधित अध्ययन सामग्री के साथ इन पुस्तकों का सहारा लिया जा सकता है।

UPSC Anthropology Optional syllabus books in English medium

Paper 1:

“Physical Anthropology” by P. Nath
“Introduction to Physical Anthropology” by Robert Jurmain
“Anthropological Thought” by Upadhyay and Pandey
“Indian Anthropology” by Nadeem Hasnain
“Social Anthropology” by D.N. Majumdar and T.N. Madan
“An Introduction to Social Anthropology” by D.N. Majumdar

Paper 2:

“Tribal India” by Nadeem Hasnain
“An Outline of Indian Prehistory” by D.K. Bhattacharya
“Indian Anthropology” by R.N. Sharma
“Political Anthropology” by M.N. Srinivas
“Development Anthropology” by R.R. Sharma

For a more comprehensive understanding, students can also refer to supplementary materials, academic journals, and UPSC-specific guides that cover previous years’ question papers and mock tests. These resources will aid in a well-rounded preparation for the UPSC Anthropology Optional.

निष्कर्ष(Conclusion):

Anthropology UPSC के वैकल्पिक विषय के रूप में मानव समाज और संस्कृतियों की खोज और अध्ययन प्रदान करती है। स्पष्टता, सतत प्रयास, और समझदारी से आप इस वैकल्पिक विषय में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

ध्यान दें, मूल सिद्धांतों को समझने, व्यापक अभ्यास करने, और उत्तरों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में ही कुंजी निहित है। मानव समाजों और संस्कृतियों के माध्यम से Anthropology के माध्यम से यात्रा का स्वागत करें और UPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए तैयार हों। इस संदर्भ में शुभकामनाएं!

upsc anthropology optional syllabus in hindi PDF DOWNLOAD

upsc anthropology optional syllabus in English PDF DOWNLOAD

OFFICIAL WEBSITE

Spread the love

Leave a Reply